Hindi Essay on “Gharelu Billi”, “घरेलु बिल्ली”, for Class 5, 6, 7, 8, 9 and Class 10 Students, Board Examinations.

घरेलु बिल्ली

Gharelu Billi

 

यह बिल्ली है इसे कई लोग पालतु पशु के रूप में पालते हैं। यह संसार के सभी भागों में पाई जाती है। परन्तु इसकी किस्में अलग-अलग होती हैं तथा यह कई रंगों में भी पाई जाती है। भारत में बिल्ली विशेष रूप से काली, सफेद तथा भूरे रंग में पाई जाती है। इसकी चार टाँगे होती हैं। इसकी दो चमकती हुई आँखें तथा एक पूँछ भी होती है। इसके दाँत बहुत तेज होते हैं। तथा नुकीले दाँत होने के कारण यह अपने शिकार पर गहरा वार करती है। यह दूध पीती है इसे दूध बहुत अच्छा लगता है। इसकी टाँगे पतली होती हैं। यह ब्रेड खाती है। चूहे का शिकार करना इसे सबसे अच्छा लगता है। तथा चूहा इसका स्वादिष्ट भोजन है। यह बहुत तेज दौड़ती है। तथा तेजी से अपने शिकार पर वार करती है। इसके दाँत बड़े ही नुकीले होते हैं। इसकी पूँघने की शक्ति भी बहुत तेज होती है। यह म्याऊँ-म्याऊँ की ध्वनि निकालती है। इसके पूँजे भी नुकीले होते हैं। यह बहुत चालाक होती है। तथा यह कुत्ते की तरह वफादार भी नहीं होती। इसलिए इसे अधिकतर लोग पालना पसन्द नहीं करते। यह चूहों के लिए सबसे बड़ा खतरा होती है। बिल्ली के बच्चे बहुत प्यारे होते हैं तथा बच्चों को इनके साथ खेलना बहुत अच्छा लगता

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