Aapke Sahpathi dwara sahsik karya kiye jane par use sammanit karane hetu Principal ko Patra, “आपके सहपाठी के प्रशंसनीय और साहसिक व्यवहार के लिए उसे सम्मानित करने का अनुरोध पत्र”.

अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को एक पत्र लिखिए जिसमें आपके सहपाठी के प्रशंसनीय और साहसिक व्यवहार के लिए उसे सम्मानित करने का अनुरोध हो।

 

प्रधानाचार्य महोदय,

केंद्रीय विद्यालय,

रोहिणी।

विषय : विद्यालय के छात्र संदीप के प्रशंसनीय और साहसिक व्यवहार के संबंध में।

मान्यवर महोदय,

मैं आपके विद्यालय की दसवीं ‘बी’ कक्षा का छात्र हूँ। इस पत्र के माध्यम से मैं आपका ध्यान अपनी कक्षा के छात्र संदीप के प्रशंसनीय और साहसिक व्यवहार के संबंध में आकर्षित करना चाहता हैं। श्रीमन, गत 22 नवंबर को विद्यालय के कक्षा नवम तथा दशम के छात्र बड़खल झील पर पिकनिक पर गए थे।

सभी छात्र पिकनिक का आनंद ले रहे थे, कुछ नौका विहार कर रहे थे। तभी झील की ओर से शोर सुनाई दिया। मैं अपने कुछ साथियों के साथ रेस्टोरेंट में बैठकर कुछ खा रहा था। उस शोर को सुनकर हम सभी झील की ओर दौड़े। हमारे सभी अध्यापक भी उस ओर तेजी से भागे। वहाँ पहुँचने पर पता चला कि नौका विहार करती हुई एक नौका पलट गई है, जिसमें सात विद्यार्थी सवार थे। उनमें से छह को तैरना आता था, पर दीपू नाम के छात्र को तैरना भी नहीं आता था। इससे पहले कि कोई कुछ करता, हमारी कक्षा का संदीप झील में कूद पड़ा। वह तैरता-तैरता उस स्थान पर पहुँचा जहाँ नौका पलटी थी। उसने कुछ ही क्षणों में डूबते दीपू को ढूंढ निकाला और उसे सही-सलामत किनारे तक ले आया।

मान्यवर, संदीप से पूछने पर पता चला कि उसे अच्छी तरह तैरना भी नहीं आता था। झील में छलाँग लगाते समय उसके पैर में मोच भी आ गई थी, फिर भी उसने अपनी जान की परवाह किए बिना साहस दिखाया और डूबत छात्र को बचा लिया।

मान्यवर, मेरी ही नहीं पिकनिक पर गए सभी छात्रों की कि आप संदीप की प्रार्थना सभा में सबके सामने बुलाकर उसे सम्मानित करें, जिससे अन्य छात्रों को भी इसी प्रकार कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा मिल सके।  

धन्यवाद।

आपका आजाकारी शिष्य,

रवि

कक्षा दसवीं ‘बी’

दिनांक : 27.11.20…..

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