Hindi Essay on “Khelkud ke Labh”, “खेदकूद के लाभ”, for Class 5, 6, 7, 8, 9 and Class 10 Students, Board Examinations.

खेदकूद के लाभ

Khelkud ke Labh

 

आज मनुष्य के जीवन में जितना महत्त्व पढ़ाई-लिखाई का है उतना ही महत्त्व खेलकूद का भी है। मनुष्य को स्वथ रहने के लिए संतुलित तथा पौष्टिक भोजन की आवश्यकता होती है। उसी प्रकार उसे व्यायाम तथा खेलकूद की भी आवश्यकता होती है।

खेलकूद द्वारा हमारा अच्छा व्यायाम हो जाता है। खेलों के द्वारा शरीर स्वस्थ और फुर्तीला बनता है। खेलों से हमारा व्यायाम व मनोरंजन दोनों होता है। अत: हम तन और मन दोनों से स्वस्थ रहते हैं तथा हमारा मन भी हमेशा प्रसन्न रहता है।

खेलकूद के द्वारा शरीर का आलस्य, कमजोरी तथा दुर्बलता दूर हो जाती है अगर मनुष्य का शरीर स्वस्थ हो तो उसका मन व दिमाग भी स्वस्थ रहते हैं। जैसे एक कहावत है- “एक तन्दुरुस्ती हजार नेमत अर्थात् अगर हमें स्वस्थ शरीर मिला है तो वह हमारे लिए हजारों वरदानों के बराबर है। अतः हमें खेल में विशेष रूचि रखनी चाहिए और अगर हम मिलजुल कर खेल है तो हमारे अंदर एकता तथा भाईचारा जैसे सम्बंधों का विकास होता है।

खेदकूद के लाभ खेलकुद से हमें बहुत लाभ होते हैं। खेल विभिन्न प्रकार के होते हैं। जैसे-क्रिकेट, कबड्डी, फुटबाल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, हॉकी, दौड़, ऊंची कूद व अन्य खेल सभी शरीर के अंगों को चुस्त-दुरुस्त रखते हैं तथा हमारे शरीर के सभी भागों का व्यायाम भी हो जाता हैं।

बालकों और विद्यार्थियों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए कई प्रकार के खेल खेलने बहुत आवश्यक हैं।

खिलाड़ियों को कभी भी भूखे पेट नहीं खेलना चाहिए। उन्हें ताजा भोजन, हरी सब्जियाँ, फल-दूध का सेवन करना चाहिए परन्तु खाना खाने के बाद नहीं खेलना चाहिए। वस्त्र साफ पहनने चाहिए तथा खेलने का स्थान भी साफ सुथरा होना चाहिए। बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए खेलकूद का बहुत महत्त्व है।

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  1. Archita Behera November 29, 2022

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